चूरू जिला दर्शन
चुरू जिले की स्थापना चूड़ा जाट ने 16 से 20 ईसवी में की थी चूरू स्वतंत्रता के समय यह बीकानेर रियासत का भाग था 1 नवंबर 1956 को पूर्ण एकीकरण के तहत चूरू को जिले का दर्जा मिला चुरू जिले में कोई नदी नहीं है चुरू जिले में तारापुर झील है ताल छापर वन्यजीव अभयारण्य भी चुरू जिले में है जो काले हिरणों के लिए प्रसिद्ध है ताल छापर वन्यजीव अभ्यारण कुरजा पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है
इंदिरा गांधी नहर की नोहर सावा लिफ्ट नहर चूरू जिले को सिंचाई हेतु जल उपलब्ध करवाती है चूरू जिले के राजगढ़ तारानगर को राजीव गांधी सिद्धमुख नोहर परियोजना से जल उपलब्ध होता है
इंदिरा गांधी नहर की सबसे लंबी लिफ्ट नेहरो में से एक गंधेली साहवा लिफ्ट नहर गंगानगर से चूरू है इसका नया नाम चौधरी कुंभाराम लिफ्ट नहर रखा गया है
इस दुर्ग का निर्माण ठाकुर कुशाल जी ने संभवत है 1694 ईस्वी में करवाया था अगस्त 1814 ईसवी में बीकानेर ने चूरू पर चढ़ाई कर दी युद्ध का आगाज हो जाने पर चूरू के ठाकुर शिवसी ने दुश्मन से जमकर लोहा लिया लेकिन कुछ दिनों बाद इनके पास गोला और बारूद खत्म हो गया आम लोगों के द्वारा दी गई चांदी के गोले बनाकर इस किले की आजादी के लिए शिवसी ने चांदी के गोले दागे
आसौटा गांव में हल चलाते समय एक किसान बाबा मोहन दास को दाढ़ी मूंछ युक्त हनुमान जी की मूर्ति मिली जिन्होंने सुजानगढ़ तहसील के सालासर गांव में इसका मंदिर बनवाया यहां चैत्र पूर्णिमा को मेला भरता है यह मंदिर दाढ़ी मूछ युक्त देश में एकमात्र बालाजी का मंदिर है
सुजानगढ़ चूरू - इसका निर्माण वेंकटेश्वर फाउंडेशन ट्रस्ट के मोहनलाल जानोदिया द्वारा 1994 ईस्वी में डॉक्टर एम नागराज एवं डॉ वेकटाचार्य वास्तविद की देख-रेख में इटालियन मार्बल एवं मकराना मार्बल से 10000 वर्ग फीट क्षेत्र में करवाया इसका उद्घाटन 21 फरवरी 1994 भैरों सिंह शेखावत द्वारा किया गया
मुस्लिमों से युद्ध के दौरान गोगाजी का सिर ददरेवा चूरू में गिरा ददरेवा में गोवाजी की शिर्ष मेडी सिद्ध मेडी है गोगा जी का जन्म स्थल भी ददरेवा ही है
सहावा गुरुद्वारा का संबंध गुरु नानक देव वह गुरु गोविंद सिंह जी से रहा है कार्तिक मास की पूर्णिमा को यहां विशाल मेला भरता है
द्रोणाचार्य की आश्रम स्थली गोपालपुर है
चूरू क्षेत्र की लोक देवी
सुजानगढ़ में स्थित यह मंदिर कांच की जड़ाई एवं स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है इस मंदिर का पूरा नाम सागर सिद्धि मंदिर है
काली मां का मंदिर
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